Bihar Teacher Recruitment 2026: State TET Not Required for Class 1–8, Appointment Based Only on CTET
बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार अब कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने के लिए राज्य स्तर की टीईटी (BTET/STET) अनिवार्य नहीं होगी। नियुक्ति केवल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET के आधार पर की जाएगी।
यह फैसला शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति और राज्य के अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। इस लेख में हम इस पूरे मुद्दे को विस्तार से समझेंगे, पात्रता, प्रभाव, फायदे-नुकसान और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
What is the New Decision Regarding Teacher Eligibility in Bihar?
बिहार में प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्तर के शिक्षक पदों के लिए अब राज्य टीईटी आयोजित नहीं की जाएगी। नियुक्ति के लिए केवल CTET को मान्य किया जाएगा।
🎓 CTET का आयोजन Central Board of Secondary Education (CBSE) द्वारा किया जाता है और यह पूरे देश में मान्य एक महत्वपूर्ण परीक्षा है।
इस निर्णय से बिहार के वे अभ्यर्थी जो अब तक केवल राज्य टीईटी की तैयारी कर रहे थे, उन्हें अपनी रणनीति बदलनी होगी।
Difference Between State TET and CTET
1. State TET (BTET/STET)
- राज्य सरकार द्वारा आयोजित
- राज्य के स्कूलों में नियुक्ति के लिए
- प्रश्नपत्र में स्थानीय पाठ्यक्रम का अधिक प्रभाव
2. CTET
- राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा
- पूरे भारत में मान्य
- NCERT आधारित सिलेबस
- केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय एवं कई राज्यों में स्वीकार्य
मुख्य अंतर:
CTET का सिलेबस अधिक व्यापक और राष्ट्रीय स्तर का होता है, जबकि राज्य टीईटी में स्थानीय संदर्भ शामिल होते थे।
Why Has Bihar Taken This Decision?
हालांकि आधिकारिक विस्तृत अधिसूचना का इंतजार है, लेकिन संभावित कारण इस प्रकार माने जा रहे हैं:
Standardization of Teacher Quality
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा लागू करने से शिक्षकों की गुणवत्ता में एकरूपता लाने का प्रयास किया जा सकता है।
Administrative Simplification
अलग से राज्य टीईटी आयोजित करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रशासनिक खर्च और प्रक्रिया दोनों कम हो सकते हैं।
⚖️ NCTE गाइडलाइन्स और राष्ट्रीय मानक
शिक्षक पात्रता के लिए National Council for Teacher Education (NCTE) द्वारा CTET को एक मानक परीक्षा माना जाता है। इसी दिशा में, राज्य सरकारें भी राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपने कदम उठा सकती हैं।
Impact on Bihar Aspirants
यह फैसला अभ्यर्थियों के लिए कई तरह के प्रभाव लेकर आया है।
1. Competition Will Increase
CTET पूरे देश के अभ्यर्थियों के लिए खुली परीक्षा है। इससे प्रतियोगिता का स्तर बढ़ सकता है।
2. Preparation Strategy Change
जो छात्र केवल राज्य सिलेबस पर निर्भर थे, अब उन्हें NCERT आधारित तैयारी करनी होगी।
3. Language Concern
CTET में क्षेत्रीय भाषाओं के विकल्प सीमित होते हैं। इससे कुछ अभ्यर्थियों को भाषा संबंधी चुनौती आ सकती है।
CTET Qualification Criteria Explained
CTET में दो पेपर होते हैं:
Paper I
- कक्षा 1 से 5 के लिए
- न्यूनतम 60% अंक (सामान्य वर्ग)
Paper II
- कक्षा 6 से 8 के लिए
- न्यूनतम 60% अंक (सामान्य वर्ग)
आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाती है।
📢 नियमित अपडेट के लिए: CTET परीक्षा की विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी CBSE Official Website पर अपडेट देख सकते हैं।
Will State TET Be Completely Discontinued?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्तर पर राज्य टीईटी आयोजित नहीं की जाएगी। भविष्य में नीति में बदलाव संभव है, लेकिन वर्तमान स्थिति में CTET ही पात्रता का आधार होगा।
Advantages of CTET-Based Recruitment
1. National Recognition
CTET पास करने वाले अभ्यर्थी देश के किसी भी राज्य में आवेदन कर सकते हैं।
2. Uniform Evaluation
राष्ट्रीय स्तर पर एक समान मानक लागू होगा।
3. Broader Opportunities
केवल बिहार ही नहीं, बल्कि केंद्रीय विद्यालय संगठन और अन्य संस्थानों में भी अवसर मिल सकते हैं।
Challenges Faced by Bihar Candidates
High Competition Level
देशभर के अभ्यर्थियों से मुकाबला करना होगा।
Syllabus Adjustment
राज्य बोर्ड के छात्रों को NCERT आधारित कंटेंट में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।
Preparation Cost
राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है।
How Should Aspirants Prepare Now?
Focus on NCERT Books
कक्षा 1 से 8 तक की NCERT किताबों को आधार बनाएं।
Practice Previous Year Papers
पिछले वर्षों के CTET प्रश्नपत्र हल करें।
Improve Pedagogy Concepts
Child Development and Pedagogy सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन होता है।
Time Management
प्रतिदिन एक निश्चित समय अध्ययन के लिए निर्धारित करें।
Expected Changes in Bihar Teacher Recruitment Process
- मेरिट लिस्ट CTET स्कोर पर आधारित हो सकती है
- दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया पहले जैसी रह सकती है
- काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव संभव
Expert Opinion on the Decision
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बना सकता है। हालांकि, राज्य स्तर पर परीक्षा न होने से स्थानीय अभ्यर्थियों को प्रारंभिक नुकसान हो सकता है।
Future of Teacher Recruitment in Bihar
आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि यह निर्णय कितना प्रभावी साबित होता है। यदि गुणवत्ता में सुधार होता है, तो यह मॉडल अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
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Q1. क्या बिहार में अब राज्य टीईटी पूरी तरह बंद हो गई है?
वर्तमान जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्तर पर राज्य टीईटी आयोजित नहीं की जाएगी।
Q2. क्या केवल CTET पास करने से ही नौकरी मिल जाएगी?
नहीं, CTET केवल पात्रता परीक्षा है। अंतिम चयन मेरिट और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
Q3. CTET में कितने अंक लाना जरूरी है?
सामान्य वर्ग के लिए 60% अंक अनिवार्य हैं। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है।
Q4. क्या अन्य राज्य के अभ्यर्थी बिहार में आवेदन कर सकते हैं?
यदि नियम अनुमति देते हैं और CTET मान्य है, तो अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
Q5. क्या यह निर्णय स्थायी है?
नीतियां समय के साथ बदल सकती हैं। आधिकारिक अधिसूचना पर निर्भर करेगा।
Conclusion
बिहार में कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक भर्ती के लिए केवल CTET को आधार बनाने का निर्णय अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा बदलाव है। यह कदम राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तो है, लेकिन राज्य के अभ्यर्थियों के लिए तैयारी की दिशा बदलने वाला साबित होगा।
जो अभ्यर्थी अभी से रणनीति बदलकर NCERT आधारित अध्ययन शुरू कर देंगे, उनके लिए यह अवसर साबित हो सकता है। प्रतियोगिता बढ़ेगी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करने के बाद अवसर भी व्यापक होंगे।
अब समय है सही योजना बनाने और लगातार अभ्यास करने का। शिक्षक बनने का सपना अभी भी संभव है, बस तैयारी का तरीका बदल गया है।








